टूटी बेड़ियाँ खुले सब द्वार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

टूटी बेड़ियाँ खुले सब द्वार बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

पेहर आखिरी निशा गनेरी मथुरा से ब्रिज की ये दुरी

करनी है अभी पार बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

बाधो मास मेघ नव छाए दामनी मंद मंद मुस्काये

रिम जिम पड़े फुहार बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

जल में उठती देख हिलोरे चटक चित व भागा हुए थोड़े

नदिया कैसे हो पार बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

यमुना चरण पर्स अकुलानी भगती भवाना धरी पहचानी

पाओ निकाला बाहर बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

ब्रिज पोंछे हरी भये नन्द लाला वसुबाबा लोटे ले बाला महा माया अवतार

बाबा के संग ब्रिज को चले करतार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।