सोचो तो पत्थर है मानो तो तुम भगवान

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सोचो तो पत्थर है मानो तो तुम भगवान,

अपने अपने ढंग से कर लो तुम सबका समान

करो रे राम इलाही ना दो इक दूज दुहाई

हर जर रे में पाया नूर तेरा डूब जाओ रोशन साईं नाम से

दाना पानी सब तुजसे ही पाए

लड़ते फिर क्यों मानुष तेरे नाम से

भीतर साईं मान ले सब में साईं जान

सोचो तो पत्थर है मानो तो तुम भगवान,

इक भाग के फूल सभी है साईं

इन भागो का तू रखवाला साईं

तेरे कर्म पे मेहके फूल सारे

माया मोह में मेहके है ये सारे

साईं ज्ञान ही एक उजाला दूर करे अज्ञान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।