हम गुरु जी वाले है

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इस दुनिया में हम भगतो के रंग निराले है

हम गुरु जी वाले है सुनो जी हम गुरु जी वाले है

सुनो जी हम गुरु जी वाले है

गुरु के रंग निराले है

हम गुरु जी वाले है सुनो जी हम गुरु जी वाले है

अपनी अपनी मस्ती में सब नाच रहे है.

दीवानी एसी मस्ती चडी है हम को हम तो हो गए मस्ताने

गुरु के दर पे आते है वो किस्मत वाले है

हम गुरु जी वाले है सुनो जी हम गुरु जी वाले है

रूप गुरु का धार के आये भोले का अवतार है

जन्म लिया दुगरी में ये सब के पालनहार है

हम भगतो के इस दुनिया में गुरु रखवाले है

हम गुरु जी वाले है सुनो जी हम गुरु जी वाले है

गुर जी का नाम बोले दिल के इक इक तार में,

दास पुनीत दीवाने बन के नाचे इस परिवार में

दुनिया को जो खुशियाँ बांटे गुरु दिल वाले है

हम गुरु जी वाले है सुनो जी हम गुरु जी वाले है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।