श्री कृष्ण की विरहे में राधा है इतना रोई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्ण की विरहे में राधा है इतना रोई

यमुना को कर दी काली रोया ना इतना कोई

श्री कृष्ण की विरहे में राधा है इतना रोई

आँखों से बेहता अनसु काजल को धो रह है

छाया अँधेरा जग में ये कौन रो रहा है,

सूरज भी पड़े काले काजल जो राधा धोई

श्री कृष्ण की विरहे में राधा है इतना रोई

राधा ने अपनी नजरी जब आसमा पे डाली ,

बरसे गगन की बुँदे बारिश की काली काली

मिलने की चाहत में बरसो नही सोई

श्री कृष्ण की विरहे में राधा है इतना रोई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।