प्यारी लागे मुस्कान तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्यारी लागे मुस्कान तेरी श्याम तू ही पहचान मेरी

ये सारा जग जाने राधे का श्याम है,

मेरे तो होठो पे बस तेरा नाम है

मेरे मन मोहन मुरली बजा दे

मुरली बजा के जरा मुस्कुरा दे

प्यारी लागे मुस्कान तेरी श्याम तू ही पहचान मेरी

तू छेड़ तराने कान्हा तेरी राधा नाचे गी तेरे मुरली के संग मेरी पायल बाजे गी

मेरी पलको में बसा है मेरी आँखों में है तू

दिल में मेरे है धड़कन मेरी सांसो में है तू

मेरे मनमोहन मुरली बजा दे मुरली बजा के जरा मुस्कुरा दे

प्यारी लागे मुस्कान तेरी श्याम तू ही पहचान मेरी

मुझे हाथो में उठा ले मुझे होठो पे सजा ले

रहू हर पल साथ तेरे मुझ मुरली तू बना ले

सांसो से साँस लू मैं तेरे दिल में उतर जाऊ

मेरे जीवन की तमना तेरा ही प्यार पाऊ,

मेरे मनमोहन मुरली बजा दे मुरली बजा के जरा मुस्कुरादे

प्यारी लागे मुस्कान तेरी श्याम तू ही पहचान मेरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।