फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा

किया शंगार फूलो से है किसने सोचता होगा

फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा

मुकट माथे पे स्वर्ण ये बड़ा मन भाये सांवरियां,

तेरी मोहक छवि पूजे लाखो नर और नारियां

ये मन पागल हो जाये तो नही कोई रोकता होगा

फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा

तेरे इन तीन बानो की महिमा दुनिया जाने है

ततेरी शक्ति को क्या इंसान देवा स्वर्ग के माने है

न तुझसा देव था पेहले न कोई दूसरा होगा

फलक से सांवरे को आज जो भी देखता होगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।