हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

गुरु का नाम लेलो सहारा मिलेगा

आंबे का नाम लेलो इशारा मिलेगा

हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

मस्त दीवानी मीरा नाची प्रेम मगन हो वन में,

श्याम सलोना रूप बिठाए रखती अपने मन में

नाच नाच के मस्त हुई फिर प्रेम मगन हो बोली

हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

इक दिन एक दीवाना योगी गंगा तट पर आया

ध्यान लगा कर मस्त वैरागी बेठा धुनी रमाया

दुखिया प्राणी जुटे याहा पर योगी उनसे बोला

हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

भगत प्रभु चेतान्ये प्रेम से हरी गुण गाते जाते थे

दुश्मन उनके पीठ पे कोड़े बरसाते जाते थे

हर कोड़े पर प्रेम मगन हो ये भी गाते जाते थे

हरी का नाम लेलो सहारा मिलेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।