अब सुनले मेरी पुकार ओ खाटू वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब सुनले मेरी पुकार ओ खाटू वाले

सब कुछ मैं गया हूँ हार ओ खाटू वाले

अब सुनले मेरी पुकार .............

हारे का सहारा है तू सुना है ज़माने से

मुझे भी बचा ले बाबा अब डूब जाने से

मेरी नाव की बन पतवार ओ खाटू वाले

अब सुनले मेरी पुकार .............

सीढ़ियां तेरे मंदिर की आंसुओं से धोऊँ मैं

जग को हंसाने वाले तेरे आगे रोऊँ मैं

मेरी हार है तेर हार ओ खाटू वाले

अब सुनले मेरी पुकार .............

बाबा साड़ी दुनिया की लिखे तकदीरें तू

देख ले मेरे हाथों की फिर से लकीरें तू

फिर कलम उठा इक बार ओ खाटू वाले

अब सुनले मेरी पुकार .............

तूने तो फकीरों को भी बादशाह बनाया है

हुई भूल मुझसे क्या जो ये दिन दिखाया है

तेरा भक्त है क्यों लाचार ओ खाटू वाले

अब सुनले मेरी पुकार .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।