न्यारे लगे प्यारे लगे खाटू नगर के नजारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

न्यारे लगे प्यारे लगे खाटू नगर के नजारे

खाटू में ही है संवारे श्याम प्यारे

हर हारे को दुखियारे को मिलते यही पे सहारे

आ जाते है जब श्याम को जो पुकारे

बड़े दयालु श्याम मुरारी

सब की बिगड़ी श्याम सवारी

सब के साथी निर्मल धारी

खोले किस्मत के ताले

शरण में उसकी आ गया है असारा ही पा गया है

जो भी माँगा दे दिया है विपदा घोटाले

खाटू चलो श्याम है तुम को पुकारे

बल्दानी दानी ऐसा देखा नही ना सुना

माँगा कन्हिया ने जो तब शीश अपना दिया

दिया नाम अपना तभी वीर को श्याम ने

वो तीन वान धरी वसे है खाटू में

बन जाता है हर काम इक ही सहारे

खाटू चलो श्याम है तुम को पुकारे

मीरा की रखने को आन विष को अमृत किया

धने का रखा था मान रखवाला बन खेत का

शरण जो पड़े उस को अपना बनाते है श्याम

शरण नाम जप जल्दी रीज जाते है श्याम

लग जाएगी नैया तुम्हारी किनारे

खाटू चलो श्याम है तुम को पुकारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।