तेरी राम जी से क्या पहचान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पेहले नही देखा कैसे हो भरोसा

इतना बता हनुमान तेरी राम जी से क्या पहचान

कौन सी घड़ी में कौन सी जगह पर हुई तेरी मुलाक़ात

किस कारण से मेरे प्रभु ने रखा तुम को साथ

नार वानर का मेल हुआ कैसे कौन सा किया तूने काम

तेरी राम जी से क्या पहचान

तुझको तेरे राम मिलेगे माँ ने कहा बचपन में

सीता को रावन हर लेंगा भटके गे वन वन में

चला जा शरण में साथ रहना वन में राम जी की सेवा तेरा काम

मेरी राम जी से यही पहचान

गया शरण में रघुराई की अपना शीश निभाया

मुझे मेरी जात न पूछी अपने गले लिपटाया

वनवारी अनसु लगे है टपकने जपने लगे सिया राम

राधू पति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम

सीता राम सीता राम भज प्यारे मन सीता राम

मुदरिका दिखाई गा के सुनाई राम का कहानी महान

माता सीता ने लिया पहचान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।