जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय श्री वृन्दावन धाम

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जय श्यामा जय जय श्याम,

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

जय मथुरा गोकुल गोवर्धन,

जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन

जय बरसानो जय नन्द गाव

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

जय जय श्यामा जय जय श्याम,

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

जय जय ब्रिज रज जय जय गो धन

जय जय ग्वाल सखा गोपी जन

जय ब्रिजवासी जय ब्रिज धाम

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

जय ब्रिज मंडल जय ब्रिज रसिकन

जय जय ब्रिज के संत भक्त जन

जय लता पता अभिराम

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

मधुप हरी ठाकुर ठकुरानी

जय ब्रिज राजा जय ब्रिज रानी

जय राधा माधव छवि धाम

जय जय श्री वृन्दावन धाम,

श्यामा प्यारी कुञ्ज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी ,

नन्द नंदन वनवारी की जय जय

श्री ब्रिश्भानु दुलारी की जय जय,

श्री बरसाने वाले की जय जय

अलबेली सरकार की जय जय

तन नीले पट पीले की जय जय

पट पीले तन नीले की जय जय

नटखट नन्द कुमार की जय जय

भोली भानु दुलारी की जय जय

ब्रिज गोपियाँ रिजवाड की जय जय

अति किरपालु सरकार की जय जय

श्यामा प्यारी कुञ्ज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी ,

जपो कुञ्ज बिहारी श्री हरिदास

श्री बिठल विपुल बिहारनी दास

श्री सरस दर हरी रसिक अनन्ये

श्री ललित मोहनी पूरण चंद,

जपो कुञ्ज बिहारी श्री हरी दास

श्यामा प्यारी कुञ्ज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी ,

मेरो वृन्दावन मेरो वृन्दावन

मेरो बरसानो मेरो वृन्दावन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।