तू भी तो काले रंग पे मरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काला काला कहे न गोरी काले बिना तने कोई न सरे

तू भी तो काले रंग पे मरे

तेरे गाल पे टिल भी जो काला

जिस पे वो शायार गीत रचे

तू भी तो काले रंग पे मरे

तेरी अखिया का काजल काला

जिसकी मार से कोई न बचे

तू भी तो काले रंग पे मरे

तेरी जुल्फों का रंग भी यो काला

जिसपे गजरा अजब सजे

तू भी तो काले रंग पे मरे

तेरी धुंगे चोटी लटके काली

नागन से कसुती मार करे

तू भी तो काले रंग पे मरे

तेरी तागड़ी का डोरा काला

जिस पे घुंगरू छम छम करे

तू भी तो काले रंग पे मरे

कमल सिंह रंग गोरा या काला

रंग गोरा राधा का ज्यदा करे

तू भी तो काले रंग पे मरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।