प्रभु संग लगन लगी है मोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु संग लगन लगी है मोरी,

कब प्रभु आओगे मेरे द्वारे

अखियाँ तरस गई देखन को

प्रभु आस लगाये बेठी हु द्वारे,

लगन लगी है मोरी प्रभु संग

कब प्रभु आओगे मेरे द्वारे

कामना मेरी पूरण हो जाए,

इक झलक मिल जाए प्रभु संग

प्रभु संग लगन लगी है मोरी,

कब प्रभु आओगे मेरे द्वारे

रात दिन सब सखियाँ छेड़े कब तेरे राधे प्रभु आयेगे

वृन्दावन है सुना सुना मुरली की धुन बिन गोकुल कान्हा

प्रभु संग लगन लगी है मोरी,

कब प्रभु आओगे मेरे द्वारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।