प्राथना सुनिए श्री भगवान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्राथना सुनिए श्री भगवान

कीजिये जन जन का कल्याण

प्राथना सुनिए श्री भगवान

आज भूमि जन भूमि दुखारी

वाणी वीणा शरण तुम्हारी

वीणा को झंकार दीजिये

वाणी को वरदान

प्राथना सुनिए श्री भगवान

भारत में फिर गूंजे गीता

भूमि भाग बन जागे सीता

भारत को फिर धन्ये कीजिये

प्राथना सुनिए श्री भगवान

श्री धर किरपा निधान

प्राथना सुनिए श्री भगवान

हानि धर्म की बहुत हुई है

अन्धकार ने ज्योति छुई है

पृथ्वी पर अवतार लिजिये

करनी जो वचन परमान

प्राथना सुनिए श्री भगवान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।