झुला झुलावे माँ झुला झुलावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तंग करे मैया को चुप नही हॉवे झुला झुलावे माँ झुला झुलावे

कान में कुंडल गले में माला,

पाओ में पायल छम छम बोले

झुला झुलावे माँ झुला झुलावे

खोले मुख जग दर्शन होए मुख कमल पर दुनिया डोले,

झुला झुलावे माँ झुला झुलावे

अखियाँ माँ की ममता जागे किलकारी से अंगना चेह्के

मन मुस्काये सारी रात जगावे

झुला झुलावे माँ झुला झुलावे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।