चलो भगतो ज्योता वाली के द्वारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाँध के पटके जय माँ की रटके उचे पर्वत चड बेखट के

चलो भगतो ज्योता वाली के द्वारे

जय ज्वाला माँ तेरी जय ज्वाला माँ

महासती की जगजनी माँ की पावन जीबा गिरी याहा,

संकट हरनी जवाला माँ का अध्बुत मंदिर है वाहा,

उसकी करुना की गंगा में दुभ्की जो भी लगाते है

काले कर्मो के कागा भी हंस वाहा बन जाते है

हर निर्बल को बल है देती प्यासी रूह को जल है देती

चलो भगतो चलो भगतो ज्योता वाली के द्वारे

बड़ी दयालु माहा किरपालु कुल दुनिया की पालक माँ

अन्धो को वो नैन है देती बांजो को दे बालक माँ

उसकी ममता की रसवंती बारिश जिन पर होती है

आँख जपक ते वो कंकर तो बन ही जाते मोती है

जय माता की बोल के मन से केहते जाओ तुम कण कण से

चलो भगतो चलो भगतो ज्योता वाली के द्वारे

सीधी का रख कष्ट निवारक जग जगनी का जाप है

सो जन्मो का दो गाडियों में मिटता सुख संताप है

बिन मांगे ही वाह पे सभ्की झोलियाँ भर जाती है

श्रधा वालियों की वाहा पे नोकाए तर जाती है

भटके हुयो को राह दिखाती निर्धन को धनवान बनाती

चलो भगतो चलो भगतो ज्योता वाली के द्वारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।