मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम

तुम्हरे संग कान्हा श्याम मुरारी भरन नही देते गगरियाँ मोरी

मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम

पनियां भरन को निकली घर से,

बाट चलत मोहे कंकरियां मारे,

तोड़ी मोरी प्यारी गगरियाँ श्याम

मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम

रास रचायो वृंदावन में खेलन होली रंग उडायो,

सुध विस्राई उस रंगों ली में

मैं न जाउंगी पनघट पे श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।