फोड़ के मटकी मेरी तने सारी दही बखेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फोड़ के मटकी मेरी तने सारी दही बखेरी

आज यशोदा माँ से मैं करू शिकायत तेरी

आती जाती ने सतावे लाज शरण तने कदे न आवे,

डाले जा से गेरी मैं करू शिकायत तेरी

फोड़ के मटकी मेरी तने सारी दही बखेरी

रोज का मेरा आना जाना छेड़न का तने चाहिए बहाना

जान मरण में मेरी मैं करू शिकायत तेरी

फोड़ के मटकी मेरी तने सारी दही बखेरी

फौजी सुरेश लिखे गा तू जब

आ रेहा इक बाल ने अन्दन

कलम चले जा तेरी मैं करू शिकायत तेरी

फोड़ के मटकी मेरी तने सारी दही बखेरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।