बिन तेरे दर्शन के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बिन तेरे दर्शन के बाबा दिल मेरा ये लगता नहीं

कब आऊंगा मैं तेरे दर पे हर पल मन मेरा कहता यही

बिन तेरे दर्शन के.................

पीर हुई है जग में भारी सबको आस तुम्हारी है

हर दिन बाबा लोग है मरते ऐसी ये महामारी है

कुछ तो बोलो नाथ दयालु रोग भयंकर रुकता नहीं

बिन तेरे दर्शन के.................

जब जब संकट आया जग में तुमने ही अवतार लिया

राम रूप में कृष्ण रूप में सबका ही उद्धार किया

आज ज़रूरत आन पड़ी है क्या तुमको ये लगता नहीं

बिन तेरे दर्शन के.................

हारे हुए का साथ निभाना हर दम तेरा काम रहा

दीनो को भाव पार लगाना खेवनहार तेरा नाम रहा

कमला की अर्ज़ी पे बाबा आज ये संकट हरता नहीं

बिन तेरे दर्शन के.................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।