श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

अम्बर तले यमुना के किनारे कब से राधा राह निहारे थे जल्दी पधारो घनश्याम

श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

पनिया भरन का करके बहाना आई है तुझसे मिलने ओ कान्हा

काहे को इतनी तू देर लगा दी के होने लगी है शाम

श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

जन्मो जन्म का है तुझसे नाता अब इसको कोई न भाता

काहे सताए इक को निर्मोही के आईया पड़े घनश्याम

श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

रास रचियाँ बंसी बजैया यमुना के तट पर आ जा कन्हियाँ सुबह से शाम अब होने लगी है

हो ना जाए अब बदनाम

श्याम तुझको पुकारे तेरी राधा रे श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।