इक बरसाने की छोरी से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक बरसाने की छोरी से मेरे लड़ गए नैना छोरी रे

उस की झील सी आँखों ने क्या जादू मुझपे डाला है

उड़ गई नींद मेरी आँखों से हुआ ये मन मतवाला है

मेरी खुद पे काबू राहा नही

मैं जब से मिला उस गोरी से

इक बरसाने की छोरी से मेरे लड़ गए नैना छोरी रे

ऐसा लगता है मेरा उस से जन्म जन्म का रिश्ता है

अब उस बिन न रेह पाऊ क्यों ऐसा मुझको लगता है

मेरा उस से प्रेम हुआ ऐसे जैसे के चाँद चकोरी से

इक बरसाने की छोरी से मेरे लड़ गए नैना छोरी रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।