हे मन मोहन अब आ जाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक बार चले आओ

इन अंखियों की ज्योति हो तुम

प्राणों के प्रिय मोती हो तुम

घुटनों के बल चल कर आओ

आ जाओ धूल लपेटे तन में

मिट्टी मुख में भर कर आओ

रोते हंसते गिरते पड़ते

पालना छोड़ कर आ जाओ

दधि दूध और माखन मिश्री

जो मन भावे ओ पा जाओ

हम नैन बिछाए बैठे हैं

हे मन मोहन अब आ जाओ

-अर्द्धचंद्रधारी त्रिपाठी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।