कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

तुम काली रात के अन्ध्यारे में आये रोशन करने जग को उजियारा लाये

मैया यशोदा के अंचल में समाये

कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

बाल गोपाल का रूप निराला सारा जग हर्षाया है

देख श्याम की सूरत प्यारी कं कं भी मुस्काया है

वृंदावन के ग्वाले बन के आये तुम संग अपने ये प्रेम की बरखा लाये

सारा जग तुमसे ही प्रीत लगाये

कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

राज दुलारा यशोमती का तुझसा कोई और नही

तू अनंत सागर है कान्हा तेरा कोई छोर नही

निर्मल जल धरा बन के तुम हो आये

भगतो के लिए तुम अमृत गंगा लाये

तेरी करुना सब की प्यास बुजाये,

कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

कृष्ण कन्हिया मुरली मनोहर सब को पार लगाएगा

तर जायेगे वो जीवन जो तेरी शरण आ जाएगा

सब संकट हरने कान्हा तुम हो आये

दीं दुखी भगतो के लये सुख लाये

सारा जग तेरी ही महिमा गाये

कृष्णा कृष्णा नन्द के लाला मुरली मनोहर बंसी वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।