मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे

कभी सोये कभी जागे कान्हा जी हमारे

मैया यशोदा जी के राज दुलारे,

मैया यशोदा कान्हा को लोरी सुनावे रे,

मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे

कान्हा की अंखियो में तो नींद नही आती

सुने को मैया यशोदा प्यार से मनाती

मैया यशोदा को कान्हा जी इतना सतावे जी

मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे

झूले से उतरे कान्हा वाहो में वो आये

चन्दन का झुला मेरे श्याम को न भाये

मैया यशोदा गोदी में अपने सुलावे रे

मैया की गोदी में फिर कान्हा जी झट से सो जावे रे

मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।