दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

दया करना हमारी आत्मा को शुद्ता देना,

हमारे ध्यान में आओ प्रभु आँखों में वस् जाओ

अँधेरे दिल में अकर के परम ज्योति जला देना

दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

बहा दो प्रेम की गंगा दिलो में प्रेम का सागर

हमे आपस में मिल जुल के प्रभु रेहना सिखा देना

दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

हमारा धर्म हो सेवा हमारा कर्म हो सेवा

सदा ईमान हो सेवा वो सेवक चल बना देना

दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

वतन के वास्ते जीना वतन के वास्ते मरना

वतन पर जा फिजा करना प्रभु हम को सिखा देना

दया कर दान भगती का हमे परमात्मा देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।