कोई धन से तोला जाता है

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भगवान तेरी दुनिया में इन्साफ ये कैसा होता है

कोई धन से तोला जाता है कोई इक पैसे को रोता है,

दोनों का तू पिता कहाए दोनों तेरी संतान है,

दोनों तेरे ही बेटे है दोनों इक समान है

कोई महलो में राज करे कोई नंगा सडक पे रोता है,

कोई धन से तोला जाता है कोई इक पैसे को रोता है,

कही सुख का सागर बहता है कही दुःख का बसेरा होता है

कही दीवाली होती है और कही अँधेरा होता है

कोई खेले खेल खिलोनो से कोई रो रो दामन भरता है

कोई धन से तोला जाता है कोई इक पैसे को रोता है,

कोई झूम रहा मस्ती में कोई दिन काटे तंग दस्ती में

दुनिया के मालिक देख जरा क्या हो रहा तेरी बस्ती में

कोई रो रो कर देखो याहा अस्को के हार पिरोता है

कोई धन से तोला जाता है कोई इक पैसे को रोता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।