कब से पुकारू नाम तुम्हारा अब न देर लगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब से पुकारू नाम तुम्हारा अब न देर लगा

सांवरियां आ जा ना सांवरिया आ जा ना

कब से पुकारू नाम तुम्हारा अब न देर लगा

तेरे रहते हार रहा मैं ऐसा न दस्तूर तेरा,

इक नजर बस कर दे दया की बालक है मजबूर तेरा

पगड़ी तेरे द्वार पे खोली सिर पे हाथ फिरा

सांवरियां आ जा ना सांवरिया आ जा ना

टूट न जाए जीव सास का बड़ा ही कचा बंदन है

रीतुये बदले हर पखवडे इन आँखों में सावन है

आस तेरी विश्वाश तेरा है

अब मत न तडपा

सांवरियां आ जा ना सांवरिया आ जा ना

हार गया रिश्ते नातो से हार गया मोह माया से

गठरी सांसारिक है भारी सेहन न होता काया से

निर्मल की शक्ति बन के तू हिवडे ज्योत जगा

सांवरियां आ जा ना सांवरिया आ जा ना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।