जिनके हिरदये सिया राम वसे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जिनके हिरदये सिया राम वसे तिन और का नाम लिया न लिया रे

जिनके हिरदये सिया राम वसे

जिनके घर एक सपूत बहयो तिन लाख कपूत हुआ न हुआ रे

जिनके हिरदये सिया राम वसे

जिन मात पिता की सेवा की तीन तीर्थ वर्त किया न किया रे

जिनके हिरदये सिया राम वसे

जिनके द्वारे पर गंग बहे तिन कूप का नीर पिया न पिया रे

जिनके हिरदये सिया राम वसे

तुलसी दास विचार करे कपटी को मीत किया न किया

जिनके हिरदये सिया राम वसे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।