किस विधि वंदन करुं तिहारो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

किस विधि वंदन करुं तिहारो ओडर दानी त्रिपुरारी,

बलिहारी बलिहारी जय महेश बलिहारी

नैन तीन उपवीत बुजंगा शशील लाट सोहे गंगा

मुंडमाल गल बीज विराजत महिमा है अति भारी

किस विधि वंदन करुं तिहारो

कर में डमरू त्रिशूल तिहारे कटी मेहर भागाम्बर धारे,

उमा सहित हिम शेल विराजत शोभा है अति न्यारी

किस विधि वंदन करुं तिहारो

अगम निगम तव भेद न जाने भरमा विष्णु सदा शिव माने

देवो के महादेव अब रक्शा करो हमारी

किस विधि वंदन करुं तिहारो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।