श्रीजी बाबा हमारे मन बसिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रीजी बाबा हमारे मन बसिया महा प्रभु देखो प्यारो रंग रसिया

देखो यमुना की पावन धार लालन प्यारे लगते

देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते

सद पांडे की घुमड़ गाये गिरिराज को दूध पिलाए,

उधर बाम बुजा दिखे भगवान

लालन प्यारे लगते

देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते

पन्दरा सो पेंतीस वैशाख कृष्ण ग्यारा,

मुखार विंद परगट श्री जी बाबा

देखो हो गया जग से निहाल

लालन प्यारे लगते

देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते

सात वर्ष के श्री जी बाबा अजब कुवर का वचन निभाया,

रथ रुक गया सिहं गाव लालन प्यारे लगते

देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते

रोहित दास की विनती बाबा हरी प्रेम में प्रीती लगाना

करे श्री नाथ जी सेवा अपार,

लालन प्यारे लगते

देखो रूप बाबा का विशाल लालन प्यारे लगते

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।