इक बार भजन करले

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

इक बार भजन करले मुक्ति का यतन करले

कट जायेगी चोरासी तू राम भजन करले,

इक बार भजन करले

ये चोला मानुष तन का हर बार नही मिलता,

जो गिर गया डाली से वो फूल नही खिलता ,

है वक्त के ओ बंदे तू राम भजन करले,

कट जायेगी चोरासी तू राम भजन करले,

इक बार भजन करले

कानो से अरे नर तू सुन ले अमृत वाणी

इस मन को मार कर के बना तू पूरा ग्यानी ,

अब गुरु शरण में तू जीवन को सफल करले

कट जायेगी चोरासी तू राम भजन करले,

इक बार भजन करले

यु व्यर्थ गवाना न जीवन की ये घड़ियाँ

अनमोल रत्न है ये मेरे सांसो की ये लड़ियाँ

जीवा न चले मुख से तू नाम जपन करले

कट जायेगी चोरासी तू राम भजन करले,

इक बार भजन करले

दीवानों की टोली में तू नाम लिखा अपना

फिर साफ़ नजर आये जीवन है एक सपना

इस झूठी दुनिया से बचने का यत्न करले,

कट जायेगी चोरासी तू राम भजन करले,

इक बार भजन करले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।