नौकर मुझे बना लो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नौकर मुझे बना लो तेरी सेवा करूँ दिन रात

हो मंज़ूर तुझे गर तो बन जाये मेरी बात

देना या ना देना तेरा काम तू ही जाने

तुझे सबके काम बाबा आते हैं बनाने

चिंता फिकर फिर कैसी जब सांवरा है मेरे साथ

हो मंज़ूर तुझे गर तो बन जाये मेरी बात

नौकर मुझे बना लो ..............

अरमा है तेरी देहलीज़ सर मेरा हो

हर सुबह शाम मुझे दर्शन तेरा हो

दे दे मुझे जीवन की ये सबसे बड़ी सौगात

हो मंज़ूर तुझे गर तो बन जाये मेरी बात

नौकर मुझे बना लो ..............

हो सके तो मेरी तक़दीर भी जगा दे

देके चाकरी तू मेरी ज़िन्दगी बना दे

मैं ये कहूं इतराके है श्याम प्रभु मेरे साथ

हो मंज़ूर तुझे गर तो बन जाये मेरी बात

नौकर मुझे बना लो ..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।