बरसाना मेरी जान है

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसाना मेरी जान है, बरसाना मेरी जान है ।

ब्रज मंडल में बरसाने की बड़ी ही ऊँची शान है ॥

श्री राधे वृषभानु दुलारी, करुणामयी सरकार हमारी ।

बरसाने की स्वामिनी राधा पे तन मन कुर्बान है ॥

बरसाना मेरी जान है...

बरसाना यह धाम है नायरा लगता मुझको बड़ा ही प्यारा ।

महिमा अपरमपार है इसकी गावत वेद पुराण है ॥

बरसाना मेरी जान है...

बरसाने राधा रस बरसे ठाकुर भी इस रस को तरसे ।

तरसे ऋषि मुनि सुर ज्ञानी करने को रस पान है ॥

बरसाना मेरी जान है...

बरसाने के सिघ पौड़ पर जाता है मन दौड़ दौड़ कर ।

कहे ‘मधुप’ यह धाम किशोरी सब सुखो की खान है ॥

बरसाना मेरी जान है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।