जीवन की नैया के खिवैयाँ तुम्ही हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम्ही राम मेरे कन्हिया तुम्ही हो,

जीवन की नैया के खिवैयाँ तुम्ही हो,

जिधर देखता हु नजर तुम्ही आते

सभी भक्त प्रेम से तेरे गीत गाते,

शब्दों की माला के रचईया तुम्ही हो

जीवन की नैया के खिवैयाँ तुम्ही हो,

ना जानू मैं भगती नही जानू पूजा

तेरे सिवा मेरे बाबा नही कोई दूजा

नसीबो के मेरे रखियां तुम ही हो

जीवन की नैया के खिवैयाँ तुम्ही हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।