श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी अर्ज हमारी

जो वरदान दया कर पाऊ,

प्रात समय उठ मंजन कर के प्रेम सहित मैं अस्नान करवाऊ,

चन्दन धुप दीप तुलसी धर वर्ण वर्ण के पुष्प चदाऊ,

श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी

आप विराजो प्रभु रतन सिंगासान घंटा शंख मिरधंग बजाओ

इक बूंद च्र्नामित लेके कुटम्ब सहित बैकुंठ पठाऊ,

श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी

जो कुछ भोग मिले प्रबु मो कु भोग लगा के भोजन पाऊ,

जो कुछ पाप किया काया से परिकर्मा के साथ बहाऊ

श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी

डर लागत मोहे भवसागर को जम के द्वार प्रभु नही जाऊ

माधव दास आस प्रभु की हरी दासन को दास कहौउ

श्री शालिग्राम जी सुनो विनती हमारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।