तू ही मेरा मसीहा साई

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तू ही मेरा मसीहा साई तू ही मेरा सहारा है,

जब जब मैं संकट में आया तूने ही उभारा है,

तू ही मेरा मसीहा साई

मन के आंगन में हम ने तेरी तस्वीर वसाई है ,

तेरी किरपा ने ऐ बाबा मेरी तकदीर जगाई है,

तेरी चाहत में हमने ये सारा जगत विसारा है,

जब जब मैं संकट में आया तूने ही उभारा है,

तू ही मेरा मसीहा साई

जीते जी शिरडी की गलियां कभी न साईं छोड़े गे,

तेरी भगती वंदन से कभी भी मुख न मोड़े गे,

तुम भी फेर न लेना अखियाँ ये न हमे गवारा है,

जब जब मैं संकट में आया तूने ही उभारा है,

तू ही मेरा मसीहा साई

तेरी किरपा जो हो जाए साईं बुजते दीप भी जल जाए,

राहो में हो जाए उजाले कांटे फूल में ढल जाए,

सोई किस्मत जाग उठे बस ऐसा कर्म तुम्हारा है,

जब जब मैं संकट में आया तूने ही उभारा है,

तू ही मेरा मसीहा साई

केवल हम पे किरपा करदो हम तकदीर के मारे है

जीत के बाजी दुनिया से हम अब किस्मत से हारे है

आपना किसे कहे दुनिया में सब ने किया किनारा है

जब जब मैं संकट में आया तूने ही उभारा है,

तू ही मेरा मसीहा साई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।