आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

पारंपरिक
अन्य भजन जैन भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

भगत है आया बुलाने गुरूजी

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

मेरे गुरुवर थे आ जाओ

आया हु पड़गाहन को

अत्रों अत्रों तिष्ठो तिष्ठो

कहकर तुम्हे मनाऊ में

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

उच्चासन पर आन विराजो

चरण कमल में पखारू जी

नवधा भक्ति करके गुरुवर

अष्टद्रव्य चढ़ाउ में

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

भगत है आया बुलाने गुरूजी

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

करके पूजन थारी गुरुवर

भवसागर तर जाऊ में

तन मन शुद्धि वचन में शुद्धि

धर आहार कराऊ में

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

भगत है आया बुलाने गुरूजी

आओ जी आओ गुरुदेव म्हारे आंगणा

गायक व गीतकार

दिनेश जैन एडवोकेट

इंदौर

83700 99099

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।