बरस गए नैना बरस गये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरस गए ये नैना बरस गये तुझे करते याद ये नैना बरस गये,

बरस गए नैना बरस गये

ओ चितचोर मुरलियां वाले तेरी राधा कौन सम्बाले,

आये हरी सपने भी खाली दे कर क्यों न दर्श गए

नैना बरस गए,

इक हो तो दामन में समा लू खुला खुला भेद छुपा लू

ये तो बने सावन की धारा रूप सुधा बिन तरस गये,

नैना बरस गए,

आ जा याद तेरी तरसाए मेरी विपदा अब टल जाए

ये वादा परसों से बरसो देखो कितने बरस गए

नैना बरस गए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।