राधा ने काजल डाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रिज बाला,

सब देखि गली में आती यु बोला मुरली वाला

अरे सुन सुन क्यों इतनी शर्माती है मैया की कसम तू मेरे सपने में आती है,

राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रिज बाला,

ओ राधा जिस दिन तेरा दीदार नही होता मुझे हो जाती वेचैनी ना रात भर सोता,

नैनो में तू ही समाई मन को भी तू ही बाई,

मैं हुआ दीवाना जब से तू देखे मुझे मुस्काई

अरे सुन सुन क्यों इतनी शर्माती है मैया की कसम तू मेरे सपने में आती है,

राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रिज बाला,

मैंने मैया से भी बोला मेरा राधा से व्याह करवा दे

मैं केहता राधा राधा मेरे हाथो मांग भरा दे,

की मेरे दिल की चोरी तू बरसाने की छोरी

मैं नही छोड़ ने वाला तेरे प्यार की डोरी,

अरे सुन सुन क्यों इतनी शर्माती है मैया की कसम तू मेरे सपने में आती है,

राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रिज बाला,

मैं तेरे बिना हु आधा तेरा साथ जरुरी है मेरे इन हाथो में तेरा हाथ जरुरी है,

जब मन का कमल खिलेगा जब दिल को चैन मिलेगा

है प्यार हमारा सचा हर जन्म में साथ चलेगा,

अरे सुन सुन क्यों इतनी शर्माती है मैया की कसम तू मेरे सपने में आती है,

राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रिज बाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।