शंभोसुता लंबोदरा (गणेश स्तवन)

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शंभोसुता । लंबोदरा

गणनायका । विघ्नेहरा

मांगल्य जे । असते जगी

स्त्रवते सदा । अपुल्या करा ॥

तिमिरातुनी । दुरितास या

द्या मुक्तता । प्राणेश्वरा

तेजातुनी । तेजाकडे

बुद्धीस ने । दुर्वांधरा ॥

सामिप्य द्या । द्या साधुता

सायुज्य द्या । या पामरा

परते करा । दुस्वास या

उजळा त्वरे । भू - अंबरा ॥

गीत : डॉ मिरदेव गायकवाड

संगीत : अरुण सराफ

A 'Lotus Feet Melodies' creation

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।