प्रभु की ज्योत जलाओ प्रभु से लगन लगाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु की ज्योत जलाओ प्रभु से लगन लगाओ,

अपने मन के अंधियारे को उजियारा दिखलाओ,

प्रभु की ज्योत जलाओ प्रभु से लगन लगाओ,

जग माया है तन माया है दुनिया माया ही माया है,

माया से मुक्ति मिल जाए,

ऐसा मार्ग बनाओ,मन की ज्योत जलाओ

प्रभु से लगन लगाओ,

कितने आते कितने जाते प्रभु की प्रभुता को नही पाते,

प्रभु को अगर पाना हो प्यारे भजन प्रभु के गाओ,

प्रभु की ज्योत जलाओ प्रभु से लगन लगाओ,

अर्थ धर्म और काम मोकश के उपर भी इक और शक्ति है,

ओमकार की इस शक्ति में डुबो और तर जाओ,

प्रभु की ज्योत जलाओ प्रभु से लगन लगाओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।