आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार

निर्मल दिशाए हो गई फूलो में डाल खो गई

मंध मंध शीतल पवन सुख सुगंध लेके आ गई,

गूंज उठी पंक्षी की गाल सरगम भी ताल हो गई,

चारो दिशा मंगला चार,कृष्णा ने लियो अवतार

आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार

यमुना ने छू ले चरण और शेश नाग संग संग

अब तो पाप मिट जायेगे देवो ने भी किया नमन

श्याम रंग रंग लो जो मन वंदन करो श्री चरण,

देवो की जय जय कार कृष्णा ने लियो अवतार

आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार

धन्य धन्य वासुदेव जी धन्य धन्य देवी चरण,

धन्य हुई भारत धरा धन्य श्री हरी आगमन,

जानी न मात यशोदा श्याम धरु मानुज बदन,

सवान की रिमझिम बुहार कृष्णा ने लियो अवतार

आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।