अब कैसे छूटे राम रट लागी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

राम रट लागी गोविन्द रट लागी,

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

प्रभु जी तुम चन्दन हम पानी

जाके अंग अंग वास समानी,

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

प्रभु जी तुम घनवन हम मुरा

जैसे चितवन चाँद चकोरा,

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

प्रभु जी तुम दीपक हम बाती,

जाकी ज्योति बारे दिन राति,

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा,

ऐसी भगति करे रे दासा,

अब कैसे छूटे राम रट लागी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।