हरी भज रे उम्र बीत चली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी भज रे उम्र बीत चली,

दिन दिन घडी घडी पल पल जावे,

जैसे जल अंजलि

हरी भज रे उम्र बीत चली,

जिम सूरज रथ दावत नव में

छाया जाए ढली

हरी भज रे उम्र बीत चली,

ये माया चंचल शान बंगुर,

जिम बदल बिजली,

हरी भज रे उम्र बीत चली,

भ्र्म नन्द भजन बिन हरी के भटकत नर्क गली,

हरी भज रे उम्र बीत चली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।