सांसो की सरगम पे गाओ राधा राधा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

स रे गा मा पा धा नि सा ,

नि ध पा मा प् धा,

सांसो की सरगम पे गाओ राधा राधा ,

राधा राधा राधा राधा राधा

मोहन की मुरली का हर स्वर राधा नाम पुकारे,

सोते जगते कान्हा केवल राधा नाम उचारे,

नटवर नागर कृष्ण कन्हैया राधा के बिन आधा,

सांसो की सरगम पे गाओ राधा राधा ,

राधा राधा राधा राधा राधा

जिनके दर्शन पाने को शिव नारी बन कर आते,

जिनके चरणों की रज पाने सूंदर मुनि ललचाते,

राधे के पावन चरणों में करलो प्रीत अगाधा ,

सांसो की सरगम पे गाओ राधा राधा ,

राधा राधा राधा राधा राधा

कोई कहे रमा बरमानी कोई मात भवानी,

भगतो के मन को तो केवल भली लगे ब्रिज रानी,

जिसका सुमिरन करते हे मिट जाए भव की वाधा,

सांसो की सरगम पे गाओ राधा राधा ,

राधा राधा राधा राधा राधा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।