जीमो जीमो सांवरिया छप्पन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीमो जीमो सांवरिया छप्पन भोग सजाया मैं तो थाल खड़ा,

गंगा जल छारी भर लाया चन्दन चौंकी बिछाई,

कंचन थाल परोस दिया प्रभु पनको दे मुदलाई,

इतना मत न थे शर्माओ म्हारा श्याम,

आजा मैं तो कद से खड़ा,

खीचड़ खाओ घी गालूंगा ऊपर देउ गी शकर,

छीडवे का पेड़ा बाबा ना कोई इणरी टकर,

भुजिया बिकानेरी ख्वाउ महारा श्याम,

सांगा मेरी दाल पड़ी,

गरमा गर्म पकोड़ा बनाया बड़ा बनाया दही का,

समोसा और कचोरी बनाई कोरा बड़ा मजे का,

सुकि सांगरी को चोखो लागे साग,

होर लाया दही कड़ी,

दिल्ली की है सोन पापड़ी आगरे का पेठा,

मथुरा जी का पेड़ा बड़ियाँ वृन्दावन का मठा,

रसगुल्ला कलकत्ता के मैं ले आया श्याम

अर्ज करता कब से खड़ा,

कलाकंद पिस्ते की बर्फी जलेबी उतर उतरती,

रसमलाई और बालूशाही अमृति झरती झरती,

मिठो बाजरो ख्वाउ महारा श्याम,

खवाऊ थाने केर फली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।