बृज में अजब हुआ आज उजाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बृज में अजब हुआ आज उजाला,

आया यशोदा घर नन्द लाला,

बृज में अजब हुआ आज उजाला

श्याम सलोनी सूरत प्यारी,

तन मन से जाऊ बलिहारी,

नना मुना सारे जग से निराला,

आया यशोदा घर नन्द लाला,

बृज में अजब हुआ आज उजाला

आज घडी खुशियों की आई नन्द के द्वार बजी शहनाई,

युग युग जिए मैया मदन गोपाला,

आया यशोदा घर नन्द लाला,

बृज में अजब हुआ आज उजाला

जो भी सुने बस दौड़ा आये,

श्याम के कैसे दर्शन पाए हर कोई श्याम रूप मतवाला

आया यशोदा घर नन्द लाला,

बृज में अजब हुआ आज उजाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।