भोगवा लगाव तारे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जूठकी बईरीया सेवरी लाए भरी दोना

भोगवा लगाव तारे अवध के सलोना ।

हम वन वासी के ईहे बा अहरवा

कंद मुल फलवा से करिले गुजरवा

तोहरो सूरतिया बा नरम जइसे सोना

भोगवा लगाव तारे अवध के सलोना।

सेवरी के बईरीया खईले प्रभुकाई

ऐने लछूमन फेकी दिहले नजर घुमाई

जूठ कईसे खाई भाईया धरमवा बा खोना

भोगवा लगाव तरे अवध के सलोना।

लंकवा में सक्ती बान लागल जब सवरिया

बनिके सजीवन आईली सेवरी के बईरिया

पिसी के पियावे लगले बैद सुसेना

भोगवा लगाव तरे अवध के सलोना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।