राधे कहे कृष्ण कृष्ण सीता कहे राम राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे कहे कृष्ण कृष्ण सीता कहे राम राम,

मेरे लिए तो दोनों इक समान,

कृष्ण कहो या राम,

त्रेता युग में राम के हाथो रावण का उधार हुआ,

द्वापर में कृष्ण के हाथो दुष्ट कंस का संगार हुआ ,

मेरे लिए तो दोनों शक्तिवान,

कृष्ण कहो या राम,

देखा प्रेम भीलनी का राम ने झूठे वेर खाये,

मित्र सुदामा के गठरी के श्याम सूखे चावल खाये

मेरे लिए दोनों का प्रेम महान,

कृष्ण कहो या राम,

माता की आज्ञा को लेकर राम ने इक आदर्श दिखाया,

जीवन में क्या कर्म धर्म है कृष्ण कन्हैया ने बतलाया,

मिला मुझको दोनों से भरम का ज्ञान,

कृष्ण कहो या राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।