सुनी है तेरी जादूगरी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हे जाने सकल संसार सुनी है तेरी जादूगरी

मांझी मुझ पे करो ये उपकार हमे जाना है गंगा के पार

आये है छोड़ अवध पूरी,सुनी है तेरी जादूगरी

जिन चरणों से गंगा निकली बलि का मान बढ़ाये,

जिन चरणों की पूजा करके ऋषि मुनि सत्गति पाए,

वही चरण इसी गंगा तट पर चाहत नाव मेरी,

सुनी है तेरी जादूगरी

कर्म तुम्हारा मैं न जानू केवट तुम हो ग्यानी

अपने मन की बात कहो तुम छोड़ो बात पुरानी,

हम को दूर बहुत जाना है लखन जिया संग ऋ,

सुनी है तेरी जादूगरी

इन चरणों की रज से बन गई पत्थर की शिला नारी,

इन्हे पखारे बिन हे भगवन कैसे पार उतारी,

ना मैं मांगू सोना चांदी ना धन की गठरी,

सुनी है तेरी जादूगरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।